गणेश जी को दूर्वा अर्पण
परंपरा: भारतीय (सनातन) · प्रमाण: पारंपरिक मान्यता · तरीका: पूजा-उपाय
उद्देश्य: भाग्य और अवसर, करियर और व्यापार
पृष्ठभूमि
गणेश पूजा में दूर्वा (दूब घास) चढ़ाना प्रसिद्ध परंपरा है; दूर्वा नवग्रह समिधाओं में भी है (याज्ञवल्क्य स्मृति 1.302)।
सामग्री
- दूर्वा की 21 गाँठें (या जितनी उपलब्ध हों)
- जल
विधि (क़दम-दर-क़दम)
- दूर्वा धोकर जोड़े बनाएँ।
- ॐ गं गणपतये नमः बोलते हुए गणेश जी को अर्पित करें।
- काम की शुरुआत की प्रार्थना करें।
कहाँ / कब: बुधवार, संकष्टी चतुर्थी, या कोई नया काम शुरू करते समय
विकल्प: —
⚠ सावधानी: कीटनाशक वाली घास न लें।
मिलते-जुलते उपाय
पारंपरिक मोजो पोटलीशुभ भाग्य मोजो पोटलीसफलता और अवसर मोजो पोटलीरोड ओपनर (रास्ता खोलने वाली) पोटलीव्यक्तिगत संकल्प पोटलीआत्मविश्वास पोटली
पारंपरिक या प्रतीकात्मक प्रथा; कोई परिणाम गारंटीड नहीं। यह चिकित्सा, क़ानूनी या आर्थिक सलाह का विकल्प नहीं। कोई मिश्रण खाना-पीना नहीं; बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें।
The Mystic Prragati