आम के पत्तों का तोरण (बंदनवार)
परंपरा: भारतीय (सनातन) · प्रमाण: ऐतिहासिक रूप से दर्ज · तरीका: पूजा-उपाय
उद्देश्य: सुरक्षा, घर और कार्यस्थल, भाग्य और अवसर
पृष्ठभूमि
त्योहारों, विवाह और गृह-प्रवेश पर मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण बाँधना भारत भर की प्रचलित मंगल-परंपरा है।
सामग्री
- आम (या अशोक) के ताज़े पत्ते, विषम संख्या में (जैसे 5, 7, 11)
- मौली या सूती धागा
- चाहें तो गेंदे के फूल
विधि (क़दम-दर-क़दम)
- पत्तों को धोकर सुखाएँ।
- डंठल मोड़कर धागे में पिरोएँ, बीच-बीच में गेंदे के फूल।
- मुख्य द्वार के ऊपर बाँधें।
कहाँ / कब: त्योहार, गृह-प्रवेश, शुभ कार्य
विकल्प: अशोक के पत्ते
⚠ सावधानी: पत्ते सूख जाएँ तो उतारकर पौधों की खाद में डाल दें।
मिलते-जुलते उपाय
पारंपरिक मोजो पोटलीसुरक्षा मोजो पोटलीशुभ भाग्य मोजो पोटलीरोड ओपनर (रास्ता खोलने वाली) पोटलीव्यक्तिगत संकल्प पोटलीसुरक्षा पोटली
पारंपरिक या प्रतीकात्मक प्रथा; कोई परिणाम गारंटीड नहीं। यह चिकित्सा, क़ानूनी या आर्थिक सलाह का विकल्प नहीं। कोई मिश्रण खाना-पीना नहीं; बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें।
The Mystic Prragati