नवग्रह शांति: रंग के फूल, गंध और गुग्गुल धूप
परंपरा: भारतीय (सनातन) · प्रमाण: ऐतिहासिक रूप से दर्ज · तरीका: पूजा-उपाय
उद्देश्य: शांति और सामंजस्य, सुरक्षा
पृष्ठभूमि
याज्ञवल्क्य स्मृति (आचाराध्याय 1.298-299) के अनुसार हर ग्रह को उसके रंग के वस्त्र और फूल, गंध (सुगंधित लेप) और गुग्गुल की धूप दी जाती है। गरुड़ पुराण (अ. 101) में रंग: सूर्य और मंगल लाल, चंद्र और शुक्र सफ़ेद, बुध और गुरु पीले-से, शनि, राहु और केतु काले। पद्म पुराण (सृष्टि खंड 82) में शुक्र के लिए सफ़ेद चंदन और शनि के लिए काला चंदन बताया गया है।
सामग्री
- जिस ग्रह की शांति करनी हो, उसके रंग के फूल
- चंदन (शुक्र के लिए सफ़ेद चंदन)
- गुग्गुल की धूप
- घी का दीपक
विधि (क़दम-दर-क़दम)
- स्नान करके साफ़ स्थान पर बैठें।
- दीपक जलाएँ।
- ग्रह का नाम-मंत्र बोलें, जैसे ॐ सूर्याय नमः, ॐ सोमाय नमः, ॐ शनैश्चराय नमः।
- उसके रंग के फूल और चंदन अर्पित करें।
- गुग्गुल की धूप दें और शांति की प्रार्थना करें।
कहाँ / कब: उस ग्रह के वार को (सूर्य: रविवार, चंद्र: सोमवार, मंगल: मंगलवार, बुध: बुधवार, गुरु: गुरुवार, शुक्र: शुक्रवार, शनि: शनिवार)
विकल्प: गुग्गुल न मिले तो सामान्य धूप
⚠ सावधानी: धूप के समय खिड़की खुली रखें। गुग्गुल जंगल में गंभीर रूप से संकटग्रस्त है, उगाया हुआ ही लें। विस्तृत ग्रह-शांति या हवन किसी जानकार पुरोहित से कराएँ।
मिलते-जुलते उपाय
पारंपरिक या प्रतीकात्मक प्रथा; कोई परिणाम गारंटीड नहीं। यह चिकित्सा, क़ानूनी या आर्थिक सलाह का विकल्प नहीं। कोई मिश्रण खाना-पीना नहीं; बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें।
The Mystic Prragati