The Mystic PrragatiThe Mystic Prragati

ऋतु के अनुसार चंदन-अगर का लेप (ऋतुचर्या)

परंपरा: भारतीय (सनातन) · प्रमाण: ऐतिहासिक रूप से दर्ज · तरीका: तेल और तिलक
उद्देश्य: शांति और सामंजस्य, ध्यान

पृष्ठभूमि

चरक संहिता (सूत्रस्थान 6, ऋतुचर्या) में वसंत ऋतु में चंदन और अगर के लेप का उल्लेख है। सूत्रस्थान 4 में चंदन और खस (उशीर) जलन शांत करने वाले (शीतल) गण में और अगर ठंड दूर करने वाले गण में हैं। इसलिए गर्मी में चंदन-खस और सर्दी में अगर उपयुक्त माने जाते हैं।

सामग्री

विधि (क़दम-दर-क़दम)

  1. चंदन को सिल पर पानी या गुलाब जल से घिसें।
  2. मौसम के अनुसार खस या अगर मिलाएँ।
  3. माथे, गले या कलाई पर हल्का लेप लगाएँ।
  4. सूखने पर धो लें।

कहाँ / कब: गर्मी में दोपहर से पहले; वसंत और सर्दी में सुबह
विकल्प: सिर्फ़ चंदन

⚠ सावधानी: सिर्फ़ बाहरी लेप; आँखों से दूर। पहले छोटी जगह पर लगाकर देखें। असली अगर महँगा है और जंगली अगर CITES सूची में है।

मिलते-जुलते उपाय

व्यक्तिगत संकल्प पोटलीसामंजस्य पोटलीनींद पोटलीध्यान पोटलीप्रेम और सामंजस्य स्नानशांति और विश्राम स्नान

पारंपरिक या प्रतीकात्मक प्रथा; कोई परिणाम गारंटीड नहीं। यह चिकित्सा, क़ानूनी या आर्थिक सलाह का विकल्प नहीं। कोई मिश्रण खाना-पीना नहीं; बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें।

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