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गुरु ग्रह: मंत्र, उपाय, रत्न और महादशा

गुरु नवग्रहों में से एक है। ज्योतिष में गुरु को ज्ञान और विस्तार का ग्रह और ज्ञान, गुरु और संतान का कारक माना जाता है।

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गुरु ग्रह की मुख्य बातें

स्वामित्व की राशिधनु, मीन
देवताभगवान विष्णु (और गुरु बृहस्पति)
वारगुरुवार
रंगपीला
दिशाउत्तर-पूर्व
रत्नपुखराज (पूरी कुंडली दिखाए बिना रत्न न पहनें)
रुद्राक्ष5 मुखी
बीज मंत्रॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
सरल मंत्रॐ बृं बृहस्पतये नमः
जाप संख्या19,000
जाप का समयगुरुवार, सुबह, उत्तर-पूर्व की ओर मुख करके
मालाहल्दी (हरिद्रा) या तुलसी की माला
पाठविष्णु सहस्रनाम, गुरुवार की कथा
दानचने की दाल, हल्दी, पीला वस्त्र, केला (गुरुवार)

गुरु के सरल उपाय

उपाय श्रद्धा और परंपरा की बातें हैं; कोई गारंटी नहीं। सेहत या पैसे की समस्या में विशेषज्ञ की सलाह ज़रूर लें।

गुरु की महादशा

ज्ञान, धर्म, संतान, विवाह, गुरु और धन-वृद्धि के विषय आगे आते हैं। अच्छे लोगों का साथ और मार्गदर्शन मिलता है; वज़न और मीठे का ध्यान रखें।

गुरु की महादशा 16 वर्ष की होती है। अपनी कुंडली में चल रही दशा मुफ़्त कुंडली में देखें।

गुरु का वैदिक मंत्र

विष्णु मंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

सभी नवग्रह

सूर्यचंद्रमंगलबुधगुरुशुक्रशनिराहुकेतु

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यह जानकारी भारतीय परंपरा और शास्त्रीय नियमों पर आधारित सामान्य मार्गदर्शन है, कोई गारंटी नहीं। हमारे बारे में · गोपनीयता