The Mystic PrragatiThe Mystic Prragati

शनि ग्रह: मंत्र, उपाय, रत्न और महादशा

शनि नवग्रहों में से एक है। ज्योतिष में शनि को अनुशासन और देरी से पक्का फल का ग्रह और काम-धंधा, कर्म, सेवा और मेहनत का कारक माना जाता है।

🪐 कुंडली में अपना शनि देखें🧿 सभी उपाय

शनि ग्रह की मुख्य बातें

स्वामित्व की राशिमकर, कुंभ
देवताशनि देव (और श्री हनुमान जी)
वारशनिवार
रंगनीला, काला
दिशापश्चिम
रत्ननीलम (पूरी कुंडली दिखाए बिना रत्न न पहनें)
रुद्राक्ष7 मुखी
बीज मंत्रॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
सरल मंत्रॐ शं शनैश्चराय नमः
जाप संख्या23,000
जाप का समयशनिवार, शाम को, पश्चिम की ओर मुख करके
मालारुद्राक्ष या काले हकीक की माला
पाठशनि चालीसा, हनुमान चालीसा
दानकाले तिल, सरसों का तेल, उड़द, काला वस्त्र (शनिवार)

शनि के सरल उपाय

उपाय श्रद्धा और परंपरा की बातें हैं; कोई गारंटी नहीं। सेहत या पैसे की समस्या में विशेषज्ञ की सलाह ज़रूर लें।

शनि की महादशा

मेहनत, अनुशासन, ज़िम्मेदारी और स्थायी उपलब्धि के विषय आगे आते हैं। फल देर से पर पक्का मिलता है; धैर्य रखें और जोड़ों व हड्डियों का ध्यान रखें।

शनि की महादशा 19 वर्ष की होती है। अपनी कुंडली में चल रही दशा मुफ़्त कुंडली में देखें।

शनि का वैदिक मंत्र

शनि स्तुति: ॐ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्। छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्॥

सभी नवग्रह

सूर्यचंद्रमंगलबुधगुरुशुक्रशनिराहुकेतु

और देखें

Read in English

यह जानकारी भारतीय परंपरा और शास्त्रीय नियमों पर आधारित सामान्य मार्गदर्शन है, कोई गारंटी नहीं। हमारे बारे में · गोपनीयता