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केतु ग्रह: मंत्र, उपाय, रत्न और महादशा

केतु नवग्रहों में से एक है। ज्योतिष में केतु को वैराग्य और गहराई का ग्रह और आध्यात्म, वैराग्य और अंतर्ज्ञान का कारक माना जाता है।

🪐 कुंडली में अपना केतु देखें🧿 सभी उपाय

केतु ग्रह की मुख्य बातें

देवताश्री गणेश जी
वारमंगलवार या शनिवार
रंगभूरा, चितकबरा
दिशाउत्तर-पश्चिम
रत्नलहसुनिया (पूरी कुंडली दिखाए बिना रत्न न पहनें)
रुद्राक्ष9 मुखी
बीज मंत्रॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः
सरल मंत्रॐ कें केतवे नमः
जाप संख्या17,000
जाप का समयमंगलवार या शनिवार, उत्तर-पश्चिम की ओर मुख करके
मालारुद्राक्ष की माला
पाठगणेश अथर्वशीर्ष, गणेश चालीसा
दानकंबल, तिल, सात अनाज (मंगलवार या शनिवार)

केतु के सरल उपाय

उपाय श्रद्धा और परंपरा की बातें हैं; कोई गारंटी नहीं। सेहत या पैसे की समस्या में विशेषज्ञ की सलाह ज़रूर लें।

केतु की महादशा

आध्यात्म, शोध, गहरी समझ और पुराने कर्मों के फल के विषय आगे आते हैं। मन भीतर की ओर मुड़ता है; अकेलेपन, अस्पष्टता और अचानक फ़ैसलों से बचें।

केतु की महादशा 7 वर्ष की होती है। अपनी कुंडली में चल रही दशा मुफ़्त कुंडली में देखें।

केतु का वैदिक मंत्र

गणेश मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः

सभी नवग्रह

सूर्यचंद्रमंगलबुधगुरुशुक्रशनिराहुकेतु

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