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अश्विनी नक्षत्र (Ashwini): नाम अक्षर, स्वामी ग्रह, गण और नाड़ी

अश्विनी नक्षत्र (Ashwini) 27 नक्षत्रों में पहला है। यह मेष 0°00′ से 13°20′ तक फैला है (निरयण, लाहिरी)। इसका स्वामी ग्रह केतु है, इसलिए अश्विनी में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा केतु की महादशा (7 वर्ष) से शुरू होती है।

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अश्विनी नक्षत्र की मुख्य बातें

क्रम1 / 27
राशिमेष 0°00′ से 13°20′ तक
स्वामी ग्रह (दशा)केतु · 7 वर्ष
गणदेव
नाड़ीआदि
योनिअश्व (घोड़ा)
नाम के अक्षरचू, चे, चो, ला

अश्विनी नक्षत्र के चरण और नाम अक्षर

चरणराशिअक्षर
चरण 1मेषचू
चरण 2मेषचे
चरण 3मेषचो
चरण 4मेषला

कुंडली मिलान में गण, नाड़ी और योनि इसी नक्षत्र से देखे जाते हैं। कुंडली मिलान के 36 गुण

अश्विनी नक्षत्र में जन्मे लोगों का स्वभाव

फुर्तीले, मदद को तैयार और नई शुरुआत करने वाले; उपचार और सेवा में रुचि।

अश्विनी नक्षत्र के अक्षरों से अर्थ सहित नाम: बच्चों के नाम

सभी 27 नक्षत्र

अश्विनीभरणीकृत्तिकारोहिणीमृगशिराआर्द्रापुनर्वसुपुष्यआश्लेषामघापूर्वा फाल्गुनीउत्तरा फाल्गुनीहस्तचित्रास्वातिविशाखाअनुराधाज्येष्ठामूलपूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाश्रवणधनिष्ठाशतभिषापूर्वाभाद्रपदउत्तराभाद्रपदरेवती

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