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स्वाति नक्षत्र (Swati): नाम अक्षर, स्वामी ग्रह, गण और नाड़ी

स्वाति नक्षत्र (Swati) 27 नक्षत्रों में 15वाँ है। यह तुला 6°40′ से 20°00′ तक फैला है (निरयण, लाहिरी)। इसका स्वामी ग्रह राहु है, इसलिए स्वाति में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा राहु की महादशा (18 वर्ष) से शुरू होती है।

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स्वाति नक्षत्र की मुख्य बातें

क्रम15 / 27
राशितुला 6°40′ से 20°00′ तक
स्वामी ग्रह (दशा)राहु · 18 वर्ष
गणदेव
नाड़ीअंत्य
योनिमहिष (भैंस)
नाम के अक्षररू, रे, रो, ता

स्वाति नक्षत्र के चरण और नाम अक्षर

चरणराशिअक्षर
चरण 1तुलारू
चरण 2तुलारे
चरण 3तुलारो
चरण 4तुलाता

कुंडली मिलान में गण, नाड़ी और योनि इसी नक्षत्र से देखे जाते हैं। कुंडली मिलान के 36 गुण

स्वाति नक्षत्र में जन्मे लोगों का स्वभाव

स्वतंत्र, संतुलित और व्यापार-कुशल; अपनी राह ख़ुद बनाते हैं।

स्वाति नक्षत्र के अक्षरों से अर्थ सहित नाम: बच्चों के नाम

सभी 27 नक्षत्र

अश्विनीभरणीकृत्तिकारोहिणीमृगशिराआर्द्रापुनर्वसुपुष्यआश्लेषामघापूर्वा फाल्गुनीउत्तरा फाल्गुनीहस्तचित्रास्वातिविशाखाअनुराधाज्येष्ठामूलपूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाश्रवणधनिष्ठाशतभिषापूर्वाभाद्रपदउत्तराभाद्रपदरेवती

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