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ज्येष्ठा नक्षत्र (Jyeshtha): नाम अक्षर, स्वामी ग्रह, गण और नाड़ी

ज्येष्ठा नक्षत्र (Jyeshtha) 27 नक्षत्रों में 18वाँ है। यह वृश्चिक 16°40′ से 30°00′ तक फैला है (निरयण, लाहिरी)। इसका स्वामी ग्रह बुध है, इसलिए ज्येष्ठा में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा बुध की महादशा (17 वर्ष) से शुरू होती है।

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ज्येष्ठा नक्षत्र की मुख्य बातें

क्रम18 / 27
राशिवृश्चिक 16°40′ से 30°00′ तक
स्वामी ग्रह (दशा)बुध · 17 वर्ष
गणराक्षस
नाड़ीआदि
योनिमृग (हिरण)
नाम के अक्षरनो, या, यी, यू

ज्येष्ठा नक्षत्र के चरण और नाम अक्षर

चरणराशिअक्षर
चरण 1वृश्चिकनो
चरण 2वृश्चिकया
चरण 3वृश्चिकयी
चरण 4वृश्चिकयू

कुंडली मिलान में गण, नाड़ी और योनि इसी नक्षत्र से देखे जाते हैं। कुंडली मिलान के 36 गुण

ज्येष्ठा नक्षत्र में जन्मे लोगों का स्वभाव

ज़िम्मेदार, रक्षक स्वभाव और बड़े दिल वाले; अधिकार संभालने की क्षमता।

ज्येष्ठा नक्षत्र के अक्षरों से अर्थ सहित नाम: बच्चों के नाम

सभी 27 नक्षत्र

अश्विनीभरणीकृत्तिकारोहिणीमृगशिराआर्द्रापुनर्वसुपुष्यआश्लेषामघापूर्वा फाल्गुनीउत्तरा फाल्गुनीहस्तचित्रास्वातिविशाखाअनुराधाज्येष्ठामूलपूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाश्रवणधनिष्ठाशतभिषापूर्वाभाद्रपदउत्तराभाद्रपदरेवती

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